अरिजीत सिंह ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपने प्लेबैक सिंगिंग करियर के खत्म होने की घोषणा की है। इस खबर के आने के बाद से उनकी जिंदगी और करियर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. इन सबके बीच आइए एक नजर डालते हैं सिंह के आखिरी बॉलीवुड गाने पर।
भारतीय संगीत उद्योग के लिए एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण में, प्रसिद्ध गायक अरिजीत सिंह ने पार्श्व गायन से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की। उन्होंने यह जानकारी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की, जिसके साथ हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली संगीत यात्रा का अंत हो गया।
अपने संदेश में, अरिजीत सिंह ने वर्षों से अपने दर्शकों से मिले प्यार और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने साफ किया कि वह अब फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई नया काम नहीं करेंगे. इस घोषणा से संगीत उद्योग और दुनिया भर में उनके लाखों प्रशंसकों में भावनाओं की लहर दौड़ गई।
अरिजीत का आखिरी गाना कौन सा है?
पार्श्व गायन को अलविदा कहते हुए, अरिजीत सिंह का आखिरी रिलीज़ गाना सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का देशभक्ति ट्रैक ‘मातृभूमि’ है। यह गाना न केवल देश और उसके वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देता है बल्कि अरिजीत की संगीत यात्रा को गरिमापूर्ण विदाई भी देता है।
गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर रिलीज हुई ‘मातृभूमि’ पहले ही श्रोताओं के दिलों को छू चुकी है। अरिजीत सिंह की भावनात्मक और प्रभावशाली आवाज गाने को गहरी संवेदनशीलता प्रदान करती है, जो उनके पूरे करियर की पहचान है। यही कारण है कि इस गाने को उनके प्लेबैक करियर का एक यादगार अंतिम अध्याय माना जाता है।
अरिजीत सिंह के करियर पर एक नजर
अपने पूरे करियर में, अरिजीत सिंह ने बॉलीवुड संगीत को रोमांटिक गीतों से लेकर शक्तिशाली देशभक्ति गीतों तक नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उनके गायन ने न केवल फिल्मों की आत्मा को मजबूत किया है बल्कि संगीत प्रेमियों की एक पूरी पीढ़ी को भी गहराई से प्रभावित किया है। वह भारतीय संगीत उद्योग में सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय गायकों में से एक हैं। उनका जन्म 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के जियागंज में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान 2013 में फिल्म ‘आशिकी 2’ के सुपरहिट गाने ‘तुम ही हो’ से मिली। इस गाने ने उन्हें रातों-रात देश का सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायक बना दिया।
अरिजीत ने रोमांटिक गाने, उदासीन ग़ज़ल, सूफी संगीत और देशभक्ति गीतों पर अपनी छाप छोड़ी है। ‘राब्ता’, ‘चन्ना मेरेया’, ‘अगर तुम साथ हो’, ‘तुझे कितना चाहने लगे’ और ‘केसरिया’ जैसी फिल्मों के गानों में उनकी भावपूर्ण गायकी ने श्रोताओं के दिलों को गहराई से छुआ है। उन्होंने हिंदी, बंगाली, मराठी और तेलुगु जैसी कई भाषाओं में गाने गाए हैं।
अरिजीत सिंह का करियर भारतीय सिनेमा में सशक्त भावनात्मक अभिव्यक्ति का प्रतीक माना जाता है। अपने लंबे करियर में अरिजीत ने 700 से ज्यादा गानों में अपनी आवाज दी है।
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